बिना पूंछ वाले मोको का जादुई टापू - Kids Moral Story

bina poonch wale moko ki jadui kahani kids story

 एक बहुत सुंदर सा गांव था। उस गांव के पास एक बड़ा सा हरा भरा जंगल था। उस गांव में एक बहुत ही प्यारा और समझदार कुत्ता रहता था। उस कुत्ते का नाम मोको था। मोको दूसरे कुत्तों से बहुत अलग था। मोको की पूंछ नहीं थी। जब मोको छोटा था तब गांव के कुछ कुत्ते उसे देखकर हंसते थे। वो कहते थे कि बिना पूंछ का कुत्ता कैसा अजीब लगता है। लेकिन मोको उनकी बातों का कभी बुरा नहीं


मानता था। मोको कभी उदास नहीं होता था। मोको बहुत ही बहादुर और फुर्तीला कुत्ता था। वो हमेशा खुश रहता था। मोको को नई नई जगहें घूमना और रोमांच बहुत पसंद था। मोको का दिल बहुत अच्छा था और वो सबकी मदद करता था। गांव के सभी बच्चे मोको से बहुत प्यार करते थे। मोको भी बच्चों के साथ दिन भर खेलता रहता था। मोको बहुत तेज दौड़ता था और किसी से नहीं डरता था। एक दिन मोको खेलते खेलते


गांव से बहुत दूर निकल गया। वो जंगल के बहुत अंदर एक बड़ी सी नदी के पास पहुंच गया। मोको ने नदी के पानी को देखा। पानी बहुत साफ और ठंडा था। मोको को बहुत तेज प्यास लगी थी। मोको पानी पीने के लिए नीचे झुका। तभी मोको ने देखा कि नदी के किनारे एक बहुत ही सुंदर और चमकीली नाव खड़ी है। वो नाव लकड़ी की बनी थी पर वो सोने की तरह चमक रही थी। उस नाव में


से हल्की हल्की नीली रोशनी निकल रही थी। वो नाव अपने आप चमक रही थी जैसे उसमें कोई बहुत बड़ा जादू हो। मोको को बहुत हैरानी हुई। वो धीरे धीरे उस नाव के पास गया। मोको ने नाव के अंदर झांक कर देखा। नाव के अंदर बहुत ही नरम और रंग बिरंगे फूल बिछे हुए थे। मोको को वो नाव बहुत अच्छी लगी। मोको को लगा कि उसे इस नाव में बैठना चाहिए। मोको उछल कर उस नाव के अंदर


बैठ गया। जैसे ही मोको नाव में बैठा एक बहुत बड़ा जादू हुआ। नाव अपने आप चलने लगी। नाव में कोई पतवार नहीं थी पर वो नदी में तेजी से आगे बढ़ने लगी। मोको को थोड़ा डर लगा पर उसे मजा भी आ रहा था। नाव पानी पर ऐसे फिसल रही थी जैसे हवा में उड़ रही हो। कुछ देर बाद नाव एक बहुत ही अजीब और जादुई टापू पर रुक गई। ये टापू मोको ने पहले कभी नहीं देखा


था। ये दुनिया से छुपा हुआ एक जादुई टापू था जिसके बारे में सब भूल चुके थे। मोको नाव से नीचे उतरा। मोको ने देखा कि वहां के पेड़ बहुत बड़े और अजीब थे। पेड़ों के पत्ते हरे नहीं बल्कि नीले और गुलाबी रंग के थे। वहां की घास में से बहुत मीठी मीठी खुशबू आ रही थी। वहां के फूल बहुत बड़े बड़े थे और वो भी रात में चमक रहे थे। मोको को ऐसा लगा जैसे वो किसी


सपने की दुनिया में आ गया हो। तभी मोको ने एक अजीब सी आवाज सुनी। मोको ने मुड़कर देखा तो एक बड़ा सा कछुआ उसकी तरफ आ रहा था। वो कछुआ कोई आम कछुआ नहीं था। उस कछुए के खोल पर सितारे बने हुए थे जो बिल्कुल आसमान के तारों की तरह चमक रहे थे। कछुए ने मोको को देखा और मुस्कुरा कर बोला स्वागत है मोको। मोको हैरान रह गया कि ये कछुआ उसका नाम कैसे जानता है। मोको


ने कछुए से पूछा कि तुम बोल कैसे सकते हो और ये कौन सी जगह है। कछुए ने बताया कि ये एक भूला हुआ जादुई टापू है। इस टापू के बारे में बाहर की दुनिया के लोग सब भूल चुके हैं। मोको ने कछुए से पूछा कि तुम इतने उदास क्यों लग रहे हो तुम्हारी आंखों में आंसू क्यों हैं। कछुए ने बहुत दुखी होकर बताया कि हमारा जादुई टापू बहुत बड़े खतरे में है। हमारे टापू पर एक बहुत


ही चमकीला जादुई पत्थर था। उसी पत्थर से इस पूरे टापू को जादू और रोशनी मिलती थी। उसी पत्थर की वजह से हमारे पेड़ पौधे चमकते थे और हम जानवर बोल पाते थे। पर कल रात एक बहुत ही डरावना और काला साया हमारे टापू पर आया। उस काले साये ने हमारा जादुई पत्थर चुरा लिया है। वो काला साया उस पत्थर को टापू के सबसे ऊंचे और खतरनाक पहाड़ की गुफा में ले गया है। जब से वो पत्थर


हमारे पास से गया है हमारे पेड़ सूखने लगे हैं। फूलों का रंग उड़ने लगा है। कछुए ने मोको को एक पेड़ दिखाया जिसके नीले पत्ते अब काले हो रहे थे। कछुए ने कहा कि अगर वो पत्थर वापस नहीं आया तो हमारा ये प्यारा टापू हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। यहां का सारा जादू खत्म हो जाएगा और हम सब जानवर पत्थर बन जाएंगे। कछुए ने रोते हुए कहा कि उस काले साये से सिर्फ वही लड़ सकता


है जिसके दिल में कोई डर न हो। एक ऐसा हीरो जिसका दिल बिल्कुल सच्चा हो और जो बहुत बहादुर हो। मोको को कछुए की बात सुनकर बहुत दुख हुआ। मोको दूसरों का दुख नहीं देख सकता था। मोको ने तुरंत कहा कि तुम बिल्कुल चिंता मत करो मेरे दोस्त। मैं उस जादुई पत्थर को वापस लेकर आऊंगा। मैं उस काले साये से लड़ूंगा। कछुए ने मोको को बहुत धन्यवाद कहा। कछुए ने मोको को एक जादुई लाल सेब दिया।


कछुए ने कहा कि ये सेब बहुत खास है। जब तुम्हें लगे कि तुम्हारी जान बहुत बड़े खतरे में है तो तुम ये सेब खा लेना। इससे तुम्हें बहुत ज्यादा ताकत मिल जाएगी। मोको ने वो सेब लिया और उसे अपने मुंह में दबा लिया। मोको ने उस ऊंचे पहाड़ की तरफ चलना शुरू कर दिया। वो पहाड़ बहुत दूर था और बहुत डरावना लग रहा था। पहाड़ के ऊपर काले बादल छाए हुए थे। रास्ता बहुत मुश्किल था। रास्ते


में बड़े बड़े कांटे और नुकीले पत्थर थे। पर मोको बिल्कुल नहीं डरा। वो बहादुरी से आगे बढ़ता गया। मोको की पूंछ नहीं थी इसलिए वो बहुत तेजी से और आसानी से पत्थरों और झाड़ियों के बीच से निकल जाता था। मोको को अब अपनी बिना पूंछ वाली बात पर बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि उसकी वजह से वो कहीं फंस नहीं रहा था। रास्ते में मोको को एक बहुत सुंदर चिड़िया मिली। चिड़िया के पंख सोने के थे।


चिड़िया ने मोको को देखा और पूछा कि तुम कहां जा रहे हो छोटे कुत्ते। मोको ने चिड़िया को सारी बात बताई। चिड़िया ने कहा कि तुम बहुत बहादुर हो पर पहाड़ का रास्ता बहुत भूलभुलैया वाला है। मैं तुम्हें सही रास्ता दिखाऊंगी। मोको खुश हो गया। चिड़िया आगे आगे उड़ने लगी और मोको उसके पीछे पीछे भागने लगा। चिड़िया ने मोको को एक नदी पार कराई। नदी का पानी बहुत तेज था पर मोको ने तैर कर नदी पार


कर ली। चिड़िया ने मोको को थैंक्यू कहा और अपने घर चली गई। मोको लगातार कई घंटों तक चलता रहा। चलते चलते रात हो गई। पूरा पहाड़ अंधेरे में डूब गया। मोको को डर लग रहा था पर उसने हिम्मत नहीं हारी। मोको पहाड़ की चोटी के बहुत करीब पहुंच गया था। तभी मोको को दूर से एक बड़ी सी गुफा दिखाई दी। उस गुफा के अंदर से बहुत ही डरावनी और अजीब सी आवाजें आ रही थीं। ऐसा लग


रहा था जैसे अंदर कोई बहुत बड़ा राक्षस जोर जोर से सांस ले रहा हो। गुफा के दरवाजे पर दो बहुत बड़े बड़े सांप पहरा दे रहे थे। वो सांप बहुत खतरनाक लग रहे थे। उन सांपों की आंखें लाल आग की तरह जल रही थीं। मोको एक बड़ी चट्टान के पीछे छुप गया। मोको सोचने लगा कि वो इन खतरनाक सांपों से कैसे बचेगा और गुफा के अंदर कैसे जाएगा। मोको का दिल जोर जोर से धड़कने लगा। तभी


मोको ने देखा कि उन सांपों के पीछे गुफा के अंदर से एक हल्की सी नीली जादुई रोशनी आ रही है। मोको समझ गया कि जादुई पत्थर वहीं अंदर है। अब मोको को कुछ ऐसा करना था जो बहुत ही समझदारी वाला हो। मोको ने एक गहरी सांस ली और चट्टान के पीछे से बाहर निकलने का फैसला किया। मोको चट्टान के पीछे से बाहर निकला। उसने देखा कि दोनों सांप बहुत ध्यान से सामने देख रहे थे। मोको बहुत


धीरे धीरे बिना आवाज किए गुफा की दीवार के साथ साथ चलने लगा। मोको की पूंछ नहीं थी इसलिए उसे छुपने में बहुत आसानी हो रही थी। अगर मोको की पूंछ होती तो शायद वो किसी पत्थर से टकरा जाती और सांपों को आवाज आ जाती। मोको बहुत होशियार था। उसने एक छोटा सा पत्थर उठाया और उसे दूसरी तरफ दूर फेंक दिया। पत्थर गिरने की आवाज सुनकर दोनों सांप उस तरफ देखने लगे। इसी मौके का फायदा उठाकर मोको


चुपचाप गुफा के अंदर घुस गया। गुफा के अंदर बहुत अंधेरा और ठंड थी। वहां बहुत गंदी बदबू भी आ रही थी। मोको धीरे धीरे आगे बढ़ा। गुफा के बिल्कुल बीच में वो जादुई नीले रंग का पत्थर रखा हुआ था। उस पत्थर की रोशनी से पूरी गुफा चमक रही थी। पत्थर के ठीक पास एक बहुत ही बड़ा और भयानक काला साया सो रहा था। वो साया बिल्कुल काले धुएं जैसा था। मोको को बहुत डर लगा पर उसने


अपनी आंखें बंद की और भगवान का नाम लिया। मोको बहुत धीरे से उस जादुई पत्थर के पास पहुंचा। उसने अपने दांतों से उस चमकते हुए पत्थर को पकड़ लिया। जैसे ही मोको ने पत्थर उठाया गुफा की रोशनी अचानक से तेज हो गई। उस तेज रोशनी से वो भयानक काला साया जाग गया। साये ने देखा कि एक छोटा सा कुत्ता उसका पत्थर ले जा रहा है। साया बहुत जोर से चिल्लाया और मोको की तरफ झपटा। साये की


आंखें लाल थीं और उसके बड़े बड़े काले हाथ थे। मोको जान बचाकर गुफा के बाहर की तरफ भागा। साया उसके पीछे पीछे भागने लगा। साया बहुत तेज था। मोको को लगा कि अब वो नहीं बच पाएगा। तभी मोको को कछुए का दिया हुआ जादुई लाल सेब याद आया। मोको ने जल्दी से वो लाल सेब चबा लिया। सेब खाते ही मोको के शरीर में बहुत सारी जादुई ताकत आ गई। मोको के शरीर से भी हल्की हल्की सुनहरी


रोशनी निकलने लगी। मोको अब पहले से सौ गुना ज्यादा तेज दौड़ सकता था। मोको इतनी तेज भागा कि काला साया पीछे ही रह गया। मोको ने गुफा के बाहर वाले सांपों को भी चकमा दे दिया। मोको पहाड़ से नीचे उतरने लगा। मोको के मुंह में जादुई पत्थर था जिसकी नीली रोशनी से पूरा पहाड़ चमक रहा था। मोको दौड़ता हुआ वापस उस नदी के पास पहुंच गया। कछुआ और बाकी सब जानवर वहां बहुत उदास बैठे थे। उन्होंने


देखा कि मोको जादुई पत्थर वापस लेकर आ रहा है। सब खुशी से नाचने लगे। मोको ने वो पत्थर कछुए के पास रख दिया। पत्थर के वहां रखते ही एक बहुत बड़ा जादू हुआ। टापू के सभी पेड़ पौधे फिर से हरे भरे हो गए। सूखे हुए फूलों में फिर से रंग भर गया। पूरी जगह में एक बहुत ही मीठी खुशबू फैल गई। वो जादुई दुनिया फिर से बहुत सुंदर हो गई। सभी जानवरों ने मोको को गले लगा


लिया। कछुए ने मोको को धन्यवाद दिया। कछुए ने कहा कि तुम बहुत छोटे हो पर तुम दुनिया के सबसे बहादुर कुत्ते हो मोको। तुम्हारी इस बहादुरी की वजह से हमारा टापू बच गया। मोको को बहुत खुशी हुई। मोको को लगा कि किसी की मदद करने से कितनी अच्छी खुशी मिलती है। कछुए ने कहा कि अब तुम अपने घर वापस जा सकते हो। मोको वापस उस सोने की जादुई नाव में बैठ गया। नाव मोको को लेकर वापस


उसके गांव की तरफ चल पड़ी। मोको जब अपने गांव पहुंचा तो सुबह हो गई थी। मोको को देखकर गांव के बच्चे बहुत खुश हुए। मोको ने किसी को टापू के बारे में नहीं बताया क्योंकि वो एक जादुई राज था। लेकिन इस सफर से मोको ने एक बहुत बड़ी बात सीखी थी। मोको समझ गया था कि उसकी पूंछ नहीं है तो क्या हुआ। उसकी बिना पूंछ वाली खासियत ने ही आज उसकी जान बचाई थी और उसे सांपों


से छुपाया था। मोको ने सीखा कि हम जैसे भी हैं बहुत अच्छे हैं। हमारी कमियां ही कभी कभी हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाती हैं। हमें बस बहादुर होना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए। मोको अब हमेशा खुश रहता था और वो पूरे गांव का सबसे प्यारा और बहादुर कुत्ता बन गया था। बच्चों यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें कभी अपनी कमियों से उदास नहीं होना चाहिए और हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।

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